मेडिकल यूनिवर्सिटी की दौड़ में फिर छूटा रीवा? ग्वालियर की तैयारी से विंध्य में उठे बड़े सवाल
मध्य प्रदेश में दूसरी सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी को लेकर एक बार फिर रीवा की उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। चर्चा है कि ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज को मेडिकल यूनिवर्सिटी के रूप में अपग्रेड करने की तैयारियां तेज हो रही हैं। ऐसे में विंध्य क्षेत्र में यह सवाल उठने लगा है कि आखिर दूसरी मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए रीवा की दावेदारी पर विचार क्यों नहीं हो रहा?
रीवा का श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) प्रदेश के पुराने और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है। विंध्य सहित आसपास के बड़े क्षेत्र के हजारों छात्र और मरीज इस संस्थान से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद मेडिकल यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर क्षेत्र को लगातार इंतजार करना पड़ रहा है।
पहली सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर में स्थापित होने के बाद भी रीवा की उम्मीदें पूरी नहीं हुई थीं। अब दूसरी यूनिवर्सिटी को लेकर ग्वालियर का नाम आगे आने से विंध्य में राजनीतिक प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय विकास को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।
सोशल मीडिया पर युवाओं और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। सवाल सीधा है—अगर रीवा के पास पुराना मेडिकल कॉलेज, बड़ा क्षेत्रीय प्रभाव और मजबूत शैक्षणिक आधार है, तो मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए उसकी दावेदारी पर गंभीरता से विचार क्यों नहीं किया जाना चाहिए?
यह सिर्फ रीवा का सवाल नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र की शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा मुद्दा है।
आपकी राय क्या है? क्या रीवा को दूसरी सरकारी मेडिकल यूनिवर्सिटी का हक मिलना चाहिए?
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