20 साल से कीचड़ में फंसी चकडौर की नई बस्ती! ₹10 लाख की मुरुम भी नहीं आई काम

चकडौर की नई बस्ती में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में सड़क पर लगातार कीचड़ जमा होने के कारण यहां रहने वाले करीब 320 लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि कीचड़ की वजह से छोटे-बड़े वाहन भी इस रास्ते से निकलने में असमर्थ हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पैदल आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Raju Gupta (state head)

Raju Gupta (state head)

Sidhi | Updated: 09 Aug 2026, 08:54 AM IST | 1 min read
20 साल से कीचड़ में फंसी चकडौर की नई बस्ती! ₹10 लाख की मुरुम भी नहीं आई काम
Share:

20 साल से कीचड़ में फंसी चकडौर की नई बस्ती! ₹10 लाख की मुरुम भी नहीं आई काम, 320 ग्रामीणों का आवागमन हुआ दूभर

रामपुर नैकिन/सीधी। सीधी जिले की रामपुर नैकिन तहसील अंतर्गत ग्राम चकडौर की नई बस्ती में सड़क की बदहाली ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश के मौसम में सड़क पर लगातार कीचड़ जमा होने के कारण यहां रहने वाले करीब 320 लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि कीचड़ की वजह से छोटे-बड़े वाहन भी इस रास्ते से निकलने में असमर्थ हो रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पैदल आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक यह रास्ता पिछले करीब 20 वर्षों से बदहाल स्थिति में है। बारिश होते ही पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। चकडौर की नई बस्ती में बड़ी संख्या में हरिजन एवं आदिवासी परिवार निवास करते हैं, जिनके लिए यही रास्ता आवागमन का मुख्य साधन है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों द्वारा समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया।

ग्रामीण नीरज गुप्ता ने बताया कि सड़क के नाम पर कई बार राशि खर्च किए जाने की बात सामने आती है, लेकिन मौके पर सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि हाल ही में सुदूर सड़क योजना के नाम पर करीब 10 लाख रुपये की मुरुम डाली गई थी, लेकिन वर्तमान में सड़क पर उस मुरुम का कहीं पता नहीं चल रहा है। बारिश के बाद पूरा रास्ता फिर से कीचड़ में तब्दील हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क पर डाली गई मुरुम का सही तरीके से उपयोग किया गया होता और पानी की निकासी की व्यवस्था बनाई गई होती तो आज यह स्थिति नहीं बनती। कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है, वहीं आपात स्थिति में मरीजों या गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक ले जाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

रविवार सुबह करीब 10 बजे नीरज गुप्ता सहित अन्य ग्रामीणों ने फोन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को शिकायत दर्ज कराते हुए सड़क की समस्या का निराकरण कराने की मांग की। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए और तत्काल पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि बारिश के दौरान आवागमन बाधित न हो।

वहीं पूरे मामले को लेकर रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा ने कहा कि लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने मामले की जांच करवाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कहा कि सड़क पर पानी जमा न हो और कीचड़ की स्थिति न बने, इसके लिए पानी की निकासी की व्यवस्था भी कराई जाएगी।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन की जांच के बाद चकडौर की नई बस्ती के ग्रामीणों को 20 साल पुरानी समस्या से राहत मिलती है या फिर हर बारिश में उन्हें इसी तरह कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

Comments (0)