सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन! शिकायतें मिलीं तो CMHO, तहसीलदार और पटवारी पर गिरी निलंबन की गाज

लगातार सामने आ रही शिकायतों की समीक्षा के बाद उन्होंने प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए।
Raju Gupta (state head)

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Bhopal | Updated: 07 Aug 2026, 02:28 PM IST | 1 min read
सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन! शिकायतें मिलीं तो CMHO, तहसीलदार और पटवारी पर गिरी निलंबन की गाज
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छिंदवाड़ा में सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन! शिकायतें मिलीं तो CMHO, तहसीलदार और पटवारी पर गिरी निलंबन की गाज

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान जन शिकायतों को हल्के में लेने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। लगातार सामने आ रही शिकायतों की समीक्षा के बाद उन्होंने प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), एक तहसीलदार और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही या शिकायतों के निराकरण में ढिलाई अब बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

निलंबन की कार्रवाई जिन अधिकारियों पर हुई, उनमें प्रभारी CMHO डॉ. नरेश गुजराड़े, तहसीलदार सुनेना ब्रह्मे और हल्का नंबर-2 के पटवारी सिद्धांत साहू शामिल हैं। बताया जा रहा है कि प्रसूति सहायता राशि समय पर न मिलने, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के लंबित रहने तथा राजस्व मामलों में लापरवाही जैसी शिकायतों के आधार पर यह फैसला लिया गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल कार्यालयों और समीक्षा बैठकों तक सीमित रहने से काम नहीं चलेगा। उन्हें नियमित रूप से गांवों और शहरों में जाकर लोगों से सीधे संवाद करना होगा, समस्याओं की वास्तविक स्थिति समझनी होगी और मौके पर समाधान सुनिश्चित करना होगा।

उन्होंने बताया कि "मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान" के तहत अब प्रत्येक शुक्रवार जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों की समस्याएं सुनेंगे और उनके त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई करेंगे।

डॉ. मोहन यादव ने कर्मचारियों के हितों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित पदोन्नति मामलों को सरकार प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है। जिन कर्मचारियों की पदोन्नति अभी बाकी है, उनकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का भी भरोसा दिलाया।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की समस्याओं की अनदेखी या काम में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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