कलेक्टर के दौरे की भनक लगते ही जागा प्रशासन! रातों-रात मुरुम डालकर बदहाल सड़क पर लीपापोती जारी

अमिलिया से सिहावल मुख्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसने विकास के दावों की पूरी पोल खोलकर रख दी है। सड़क जगह-जगह गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो चुकी है।
Raju Gupta (state head)

Raju Gupta (state head)

Bhopal | Updated: 07 Aug 2026, 02:28 PM IST | 1 min read
कलेक्टर के दौरे की भनक लगते ही जागा प्रशासन! रातों-रात मुरुम डालकर बदहाल सड़क पर लीपापोती जारी
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कलेक्टर के दौरे की भनक लगते ही जागा प्रशासन! रातों-रात मुरुम डालकर बदहाल सड़क पर लीपापोती जारी

अमिलिया–सिहावल मार्ग पर कीचड़, गड्ढों और जलभराव से त्रस्त जनता, तस्वीरें सामने आते ही शुरू हुई खानापूर्ति

सीधी सिहावल। अमिलिया से सिहावल मुख्यालय तक पहुंचने वाला मार्ग इन दिनों बदहाली की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसने विकास के दावों की पूरी पोल खोलकर रख दी है। सड़क जगह-जगह गहरे गड्ढों, कीचड़ और जलभराव में तब्दील हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि रोजाना राहगीरों, छात्र-छात्राओं और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क की यह दुर्दशा कोई नई नहीं है। लंबे समय से लोग परेशानी झेल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे। जैसे ही जिला कलेक्टर विकास मिश्रा के संभावित दौरे की खबर फैली और बदहाल सड़क की तस्वीरें सामने आईं, प्रशासन की नींद टूट गई। आनन-फानन में रातों-रात मुरुम डालकर सड़क की बदहाली पर पर्दा डालने का प्रयास शुरू कर दिया गया।

अब क्षेत्र में एक ही सवाल गूंज रहा है—क्या प्रशासन केवल वीआईपी दौरों के समय ही जागता है? यदि सड़क की मरम्मत समय रहते कर दी जाती, तो लोगों को महीनों तक कीचड़ और गड्ढों में संघर्ष नहीं करना पड़ता।

ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता पर न तो प्रभावी निगरानी दिखाई देती है और न ही किसी की जवाबदेही तय होती है। बरसात शुरू होते ही सड़क की परत उखड़ जाती है और जनता फिर उसी समस्या से जूझने लगती है।

हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर न तो सत्ता पक्ष की सक्रियता दिखाई दे रही है और न ही विपक्ष जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाता नजर आ रहा है। एक ओर सत्ता पक्ष विकास के दावों में व्यस्त है, तो दूसरी ओर विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहा है। इसका खामियाजा सीधे आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

सिहावल मुख्यालय की यह बदहाल तस्वीर विकास के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। अब क्षेत्रवासियों की मांग है कि केवल लीपापोती नहीं, बल्कि सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के मौसम में आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।

अमिलिया–सिहावल मार्ग पर कीचड़, जलभराव और गहरे गड्ढों से जूझते वाहन एवं राहगीर। तस्वीरें सड़क की बदहाल स्थिति और विकास कार्यों की हकीकत बयां कर रही हैं।

न्यूज़ E7 लाइव

सीधी–सिहावल

रिपोर्टर : राजबहोर केवट

मो. 9755895126

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