MP में Dial-112 की अब रोज होगी परीक्षा! देरी करने वाली FRV पर होगी सख्त कार्रवाई

मध्यप्रदेश में आपात स्थिति के दौरान पुलिस की Dial-112 सेवा कितनी तेजी से मौके पर पहुंच रही है, अब इसकी रोजाना निगरानी की जाएगी। पुलिस रेडियो मुख्यालय ने प्रदेशभर की FRV (First Response Vehicle) के रिस्पॉन्स टाइम पर नजर रखने के लिए जिलावार मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।
Raju Gupta (state head)

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Bhopal | Updated: 20 Sep 2026, 11:28 AM IST | 1 min read
MP में Dial-112 की अब रोज होगी परीक्षा! देरी करने वाली FRV पर होगी सख्त कार्रवाई
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MP में Dial-112 की अब रोज होगी परीक्षा! देरी करने वाली FRV पर होगी सख्त कार्रवाई

मध्यप्रदेश में आपात स्थिति के दौरान पुलिस की Dial-112 सेवा कितनी तेजी से मौके पर पहुंच रही है, अब इसकी रोजाना निगरानी की जाएगी। पुलिस रेडियो मुख्यालय ने प्रदेशभर की FRV (First Response Vehicle) के रिस्पॉन्स टाइम पर नजर रखने के लिए जिलावार मॉनिटरिंग शुरू कर दी है।

सबसे तेज और सबसे देरी से पहुंचने वाली FRV की सूची तैयार की जाएगी। जिन टीमों के पहुंचने में लगातार देरी सामने आएगी, उनसे फोन पर देरी का कारण पूछा जाएगा। बार-बार लापरवाही मिलने पर संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

एसएसपी रेडियो समीर सौरभ जिलों के एसपी के साथ समन्वय कर तकनीकी और मैदानी दिक्कतों को दूर कराने की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस का लक्ष्य प्रदेश के औसत रिस्पॉन्स टाइम को पहले 15 मिनट से घटाकर 13 मिनट और फिर 10 मिनट तक लाना है।

इसके लिए Computer Aided Dispatch (CAD) सिस्टम में ऑटो-मेल फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे देरी वाली घटनाओं की जानकारी तेजी से संबंधित अधिकारियों तक पहुंच सकेगी।

फिलहाल प्रदेश में Dial-112 का औसत रिस्पॉन्स टाइम करीब 15 मिनट है। शहरी क्षेत्रों में यह लगभग 14 मिनट 30 सेकंड, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 16 मिनट है। भोपाल-इंदौर जोन में बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी के कारण औसत समय करीब 13 मिनट है।

जांच में एक अहम वजह यह भी सामने आई कि कई बार FRV के जवान मौके पर पहुंचने के बाद डिजिटल डिवाइस में ‘Staff Arrive’ दर्ज करना भूल जाते हैं। इससे सिस्टम में वास्तविक समय से अधिक रिस्पॉन्स टाइम रिकॉर्ड हो जाता है।

वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कें, दूरी और हाईवे पर मवेशियों जैसी समस्याएं भी FRV की रफ्तार प्रभावित कर रही हैं। प्रदेश में करीब 1200 FRV हैं, जिनमें लगभग 100 वाहन खराबी या मेंटेनेंस के कारण ऑफ-रोड बताए जा रहे हैं।

अब पुलिस का फोकस साफ है—Dial-112 की रफ्तार बढ़े, देरी की वजह सामने आए और जरूरतमंद तक पुलिस की मदद जल्द से जल्द पहुंचे।

 

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