66 पद 318 नियुक्तियां! मंदसौर स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का बड़ा विवाद

मंदसौर में आउटसोर्स भर्ती के नाम पर कथित घपले ने सरकारी भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग में मल्टी टास्क वर्करों के महज 66 पद स्वीकृत होने के बावजूद 318 लोगों को नियुक्ति दिए जाने का आरोप सामने आया है।
Raju Gupta (state head)

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Bhopal | Updated: 15 Aug 2026, 05:10 PM IST | 0 min read
66 पद 318 नियुक्तियां! मंदसौर स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का बड़ा विवाद
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66 पद 318 नियुक्तियां! मंदसौर स्वास्थ्य विभाग में भर्ती का बड़ा विवाद

मंदसौर में आउटसोर्स भर्ती के नाम पर कथित घपले ने सरकारी भर्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग में मल्टी टास्क वर्करों के महज 66 पद स्वीकृत होने के बावजूद 318 लोगों को नियुक्ति दिए जाने का आरोप सामने आया है।

आरोप है कि इन अतिरिक्त नियुक्तियों के लिए शासन से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। कई अभ्यर्थियों को आउटसोर्स एजेंसी के लेटरहेड पर नियुक्ति आदेश जारी किए गए, जबकि विभागीय रिकॉर्ड में कुछ कर्मचारियों के नाम तक दर्ज नहीं थे।

मामला सामने आने के बाद उज्जैन संभाग कमिश्नर के आदेश पर तत्कालीन सीएमएचओ डॉ. गोविंद सिंह चौहान को निलंबित कर दिया गया। निलंबन आदेश में सीएमएचओ के भतीजे जयदीप की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है।

वहीं, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए जाने के आरोप लगाए हैं। मंदसौर विधायक विपिन जैन के मुताबिक, एक युवक से 70 हजार रुपये लिए गए थे, जो शिकायत के बाद वापस कराए गए।

हनुमंतिया निवासी गोवर्धनलाल चंद्रवंशी ने छह लोगों की भर्ती के लिए 9 लाख रुपये से अधिक देने का दावा किया है। वेतन नहीं मिलने के बाद मामला सामने आया और अभ्यर्थियों ने अधिकारियों से शिकायत की।

66 पदों पर 318 नियुक्तियां कैसे हुईं? किसकी अनुमति से हुईं? और नौकरी के नाम पर पैसे लेने के आरोपों में आगे क्या कार्रवाई होगी?

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