दतिया में BJP की हार पर इमरती देवी का बड़ा दावा: ‘अपनों ने ही किया भितरघात’, संगठन के भीतर मची हलचल
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री इमरती देवी ने हार को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भाजपा की स्थिति मजबूत थी और जीत की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी के ही कुछ लोगों के कथित भितरघात से चुनावी समीकरण बिगड़ गया।
इमरती देवी के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी। इसके बावजूद अंदरखाने हुई गतिविधियों ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है, जो संगठन के भीतर रहते हुए पार्टी के खिलाफ काम कर सकते हैं। उनके इस बयान ने चुनावी हार की वजहों को लेकर भाजपा के अंदर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है।
कांग्रेस ने भाजपा से छीनी सीट
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को हराकर सीट पर कब्जा किया। चुनाव से पहले भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा था। इसके बाद से ही दतिया की राजनीति में टिकट और संगठन को लेकर चर्चाएं तेज थीं।
अब इमरती देवी के ‘भितरघात’ वाले बयान ने भाजपा की चुनावी रणनीति, संगठनात्मक एकजुटता और स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच तालमेल को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक सवाल यह है कि क्या दतिया की हार सिर्फ चुनावी रणनीति की चूक थी या फिर संगठन के भीतर की नाराजगी ने भाजपा का खेल बिगाड़ दिया?
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