कलेक्टर को ज्ञापन, 15 दिन का अल्टीमेटम, शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी

अभाविप ने उमरिया के शासकीय शिक्षण संस्थानों में कथित भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला संयोजक आकाश तिवारी ने 10 से 15 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर छात्रों के साथ आंदोलन, भूख हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी दी।
Tapas Gupta (7999276090)

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Umaria | Updated: 19 Sep 2026, 03:34 PM IST | 1 min read
कलेक्टर को ज्ञापन, 15 दिन का अल्टीमेटम, शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी
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जिले के शासकीय शिक्षण संस्थानों में कथित भ्रष्टाचार, अव्यवस्थाओं और विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। जिला संयोजक आकाश तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। परिषद ने प्रशासन को 10 से 15 दिन का समय देते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

अभाविप का आरोप है कि जिले के कई शासकीय शिक्षण संस्थानों में शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। परिषद ने अपने ज्ञापन में अलग-अलग संस्थानों से जुड़े कई गंभीर आरोप प्रशासन के सामने रखे हैं।

आदर्श महाविद्यालय को लेकर उठाए सवाल

शासकीय आदर्श महाविद्यालय उमरिया के प्रभारी प्राचार्य डॉ. निस्बत अंसारी को लेकर परिषद ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आकाश तिवारी ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के दौरान मिले राष्ट्रीय ध्वजों के कथित रूप से उचित वितरण नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने नैक, जनभागीदारी और भोज विश्वविद्यालय से जुड़े मदों में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

मॉडल स्कूल में अवैध वसूली का आरोप

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय यानी मॉडल स्कूल उमरिया की व्यवस्थाओं पर भी परिषद ने सवाल उठाए। आकाश तिवारी ने विद्यालय के विशेष फंड और पुस्तकालय की राशि में कथित अनियमितता, विद्यार्थियों से भवन निर्माण एवं साफ-सफाई जैसे कार्य कराए जाने तथा निजी खाते में राशि मंगाए जाने के आरोप लगाए। उन्होंने विद्यार्थियों से कथित अवैध वसूली की जांच की भी मांग की।

कॉलेजों की सुविधाओं पर भी सवाल

परिषद ने पाली, चंदिया, नौरोजाबाद और मानपुर के शासकीय महाविद्यालयों की व्यवस्थाओं का मुद्दा उठाया। पाली कॉलेज में छात्राओं के लिए अलग शौचालय और सेनेटरी नैपकिन मशीन की कमी, चंदिया में शिक्षकों की कार्यप्रणाली तथा नौरोजाबाद और मानपुर में शिक्षकों की कमी को लेकर सवाल खड़े किए गए। परिषद ने भोज परीक्षा से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग भी की है।

15 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन

जिला संयोजक आकाश तिवारी ने कहा कि परिषद ने प्रशासन को समस्याओं के निराकरण के लिए 10 से 15 दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थी परिषद छात्रों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने आमरण अनशन और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन की चेतावनी भी दी।

परिषद ने मांग की है कि लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। ज्ञापन के जरिए अब गेंद जिला प्रशासन के पाले में है और देखना होगा कि इन आरोपों पर प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या रहती है।

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