जलाशय के पानी में फंसा आदिवासी परिवार का आशियाना

सीधी जिले के कुसमी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कोडार के देवार्थ नौढ़िया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी परिवार का कच्चा मकान चारों ओर जमा पानी के कारण संकट में आ गया है।
Amit shriwastav

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Sidhi | Updated: 19 Sep 2026, 02:23 PM IST | 1 min read
जलाशय के पानी में फंसा आदिवासी परिवार का आशियाना
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जलाशय के पानी में फंसा आदिवासी परिवार का आशियाना, बुजुर्ग ने कलेक्टर से लगाई मदद की गुहार

सीधी जिले के कुसमी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कोडार के देवार्थ नौढ़िया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी परिवार का कच्चा मकान चारों ओर जमा पानी के कारण संकट में आ गया है। लगातार बारिश के चलते घर के आसपास भारी मात्रा में पानी भर गया है और स्थिति ऐसी बन गई है कि मकान तालाब के बीच बना हुआ दिखाई दे रहा है।

बताया जा रहा है कि देवार्थ नौढ़िया निवासी राम सिंह पिता जिरजोधन सिंह, उम्र 65 वर्ष अपने क्षतिग्रस्त कच्चे मकान में रहने को मजबूर हैं। लगातार जलभराव के कारण मकान जगह-जगह से टूटने लगा है और दीवारों सहित अन्य हिस्सों में क्षति पहुंच रही है।

पीड़ित बुजुर्ग का आरोप है कि जमीनी विवाद के चलते पड़ोसी द्वारा जमा पानी की निकासी के लिए रास्ता नहीं दिया जा रहा है। इससे बारिश का पानी घर के आसपास जमा हो गया है और मकान के कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसी स्थिति में बुजुर्ग सहित परिवार के अन्य सदस्य किसी अप्रिय घटना की चपेट में आ सकते हैं।

पीड़ित परिवार के अनुसार मामले की शिकायत कई बार थाना एवं तहसील स्तर तक की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई अथवा स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में लगातार बिगड़ते हालात के कारण आदिवासी परिवार भय के साये में जीवन यापन करने को मजबूर है।

बुजुर्ग राम सिंह ने जिला कलेक्टर का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कर पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाए तथा क्षतिग्रस्त मकान और पीड़ित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो किसी भी समय बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है।

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