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विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देशन में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका छात्रावास टमसार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों ने छात्राओं से शैक्षिक संवाद कर उन्हें शिक्षा के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त आदिवासी विकास पी.के. पाण्डेय, तहसीलदार नारायण सिंह, एस.ए.डी.ओ. कृषि अंकिता तिवारी, बी.आर.सी.सी. अंगिरा प्रसाद द्विवेदी, एस.ए.डी.ओ. कुसमी एस.पी. साकेत, उपयंत्री प्रदीप द्विवेदी, प्राचार्य टमसार रामपाल सिंह एवं सरपंच टमसार मकरन्द सिंह सहित विद्यालय एवं छात्रावास का स्टाफ उपस्थित रहा।
वहीं कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों एवं छात्रावास की बालिकाओं द्वारा पौधारोपण किया गया। छात्राओं को वृक्षों के महत्व, पर्यावरण संरक्षण तथा प्रकृति के प्रति जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित एवं स्वस्थ भविष्य की आधारशिला हैं। लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं संरक्षण के लिए भी छात्राओं को प्रेरित किया गया।
प्राकृतिक खेती के लाभ बताए
कार्यक्रम में छात्राओं को प्राकृतिक खेती के महत्व एवं लाभों से अवगत कराया गया। बताया गया कि प्राकृतिक खेती स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित टिकाऊ कृषि पद्धति है, जिसमें रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम करते हुए मिट्टी की उर्वरता, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। छात्राओं को प्राकृतिक खेती अपनाने तथा इसके संदेश को अपने परिवार एवं समुदाय तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में शैक्षिक गुणवत्ता, प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता तथा प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर छात्रावास की बालिकाओं की इच्छानुसार विशेष भोज का आयोजन किया गया। अधिकारियों ने बालिकाओं के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं दीं तथा शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।