आखिर क्या मेटा पर बढ़ेगा सरकारी दबाव? पीएम मोदी का वीडियो हटने के मामले में सख्त रुख

नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले को लेकर केंद्र सरकार का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि इस मुद्दे पर संसदीय समिति ने मेटा से विस्तृत जवाब मांगा है और कंपनी के शीर्ष नेतृत्व से बिना शर्त माफी की मांग भी की गई है।
Raju Gupta (state head)

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Bhopal | Updated: 05 Aug 2026, 10:44 PM IST | 1 min read
आखिर क्या मेटा पर बढ़ेगा सरकारी दबाव? पीएम मोदी का वीडियो हटने के मामले में सख्त रुख
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आखिर क्या मेटा पर बढ़ेगा सरकारी दबाव? पीएम मोदी का वीडियो हटने के मामले में सख्त रुख

विश्वानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले को लेकर केंद्र सरकार का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है। बताया यह भी जा रहा है कि इस मुद्दे पर संसदीय समिति ने मेटा से विस्तृत जवाब मांगा है और कंपनी के शीर्ष नेतृत्व से बिना शर्त माफी की मांग भी की गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, यदि तय समयसीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो सरकार मेटा को भारत में सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मिलने वाली कुछ कानूनी सुरक्षा और विशेष प्रावधानों की समीक्षा कर सकती है। हालांकि अब इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार की ओर से ही लिया जाएगा।

वही सूत्रों के अनुसार, इसी मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के आईटी मंत्रालय और मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बैठकें भी आयोजित की गई हैं। जहा इन बैठकों में भारतीय कानूनों के अनुपालन, वीआईपी अकाउंट्स की सुरक्षा, व्हाट्सऐप की यूजरनेम नीति और इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) से जुड़े सुरक्षा मानकों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई है।

बताया यह भी जा रहा है कि विवाद की शुरुआत 23 जुलाई को उस समय हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा साझा किया गया एक वीडियो कुछ समय के लिए फेसबुक से हट गया। जहा इस वीडियो में युवाओं से जुड़े मुद्दों, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था।

इसके बाद में मेटा ने वीडियो को दोबारा बहाल करते हुए इसे तकनीकी त्रुटि बताया और खेद भी व्यक्त किया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार और संबंधित संसदीय समिति इस स्पष्टीकरण से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रही हैं।

जहा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भारत में काम करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को देश के कानूनों और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा। वही अब सभी की नजर मेटा के आधिकारिक जवाब और सरकार के अगले कदम पर बनी हुई है।

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